Wednesday, December 4, 2019

हॉकिंग और ससकिंड

स्टीफेन हॉकिंग आज एक घर-घर जाने वाले नाम हैं। एक बहुत बड़े वैज्ञानिक और उससे भी बड़े मानव लेकिन उन्होंने भी गलती की थी और उनको उनकी गलती का एहसास दिलाया था लियोनार्ड ससकिंड ने।
लियोनार्ड ससकिंड भले ही उतने बड़े नाम नही हैं लेकिन स्टीफेन हॉकिंग की "ब्लैक होल इन्फॉर्मेशन पैराडॉक्स" में ससकिंड ने कहा था कि ब्लैक होल में इन्फॉर्मेशन नष्ट नही होता और अंततः हॉकिंग को यह स्वीकार करना पड़ा कि वह गलत थे।

https://www.telegraph.co.uk/culture/books/10654762/The-man-who-proved-Stephen-Hawking-wrong.html
ससकिंड ने थियोरेटिकल मिनिमम सीरीज से क्लासिकल मैकेनिक्स, स्पेशल रिलेटिविटी और क्लासिकल फील्ड थ्योरी तथा क़वान्तम मैकेनिक्स पर सेमी टेक्निकल भाषा मे किताबे लिखी हैं। आप स्ट्रिंग थ्योरी के जनको में से एक हैं। इनकी पुस्तक "द ब्लैक होल वॉर, माई बैटल विथ स्टीफेन हॉकिंग टू मेक वर्ल्ड सेफ फॉर क्वाण्टम मैकेनिक्स" उसी ब्लैक होल इन्फॉर्मेशन पैराडुक्स से सम्वन्धित है।
ससकिंड स्टैनफर्ड विश्विद्यालय में थ्योरेटिकल भौतिकीविद हैं।


No comments:

Post a Comment

डीहवार, चेरो और खरवार: एक भाषाई और ऐतिहासिक विश्लेषण

डीहवार, चेरो और खरवार: एक भाषाई और ऐतिहासिक विश्लेषण भूमिका: भारतीय समाज की विभिन्न जनजातियाँ न केवल अपने ऐतिहासिक और सामाजिक संदर्भों में...