Wednesday, December 4, 2019

महादेव

महादेव कौन?

क्या महादेव ईश्वर हैं?
पता नही लेकिन, महादेव को जिसने समझा उसने भारत को समझा।

राम और विष्णु की आलोचना आपको दिख सकती है लेकिन मुझे भारत के किसी जाति, जनजाति द्वारा शिव की आलोचना दिखाइए।
मुझे दिखाइए की शिव की आलोचना किसी ने पौराणिक कथाओं के पुनर्पाठ का आधार लेकर भी किया हो।

शिव: कहीं खूंटा बाबा, कहीं पत्थर कहीं बूढा बाबा, कहीं ब्रह्मेश्वर कहीं रामेश्वर।

कारण क्या है कि शिव पर तथाकथित मूलवासी और विदेशी दोनों सहमत हैं?

यहाँ आड़ा, टेढ़ा, उलटा, सीधा, ज्ञानी, विज्ञानी, अज्ञानी सबको सम्मान है, सबके भारतवर्ष के निर्माण में योगदान का आभार है।

और शिव के विष पीने का क्या मतलब?

केवल कथा?

नही, केवल शिव तत्व ही भारतीय सम्माज की विसंगतियों को पीकर पचा सकता है।

हर हर महादेव!


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