Wednesday, December 4, 2019

म और ल का महातम्य

ध्वनि 'म' और 'ल' का महात्यम:

महिला, मुलायम, माल

ध्यात्व है की भारोपीय भाषाओं में "म"
और "ल" की धव्निव्यों के
विविध संयोगों का प्रयोग "मुलायम" के भाव को वैखारिकृत करने
हेतु किया गया है।

कुछेक दृष्टान्त:

मृदुल (संस्कृत)
मुलायम (हिंदी)
मलमल
मलाई
मल देना (मुलायम के भाव से युक्त)
Muelle (स्पेनिश)
Molle (इतालियन)
Moelleux (फ्रेंच)
Mole (पुर्तगाली)

Mold
Mould
Malleable
mellow
Melody
मधुर
मोड़

अब आइए ज़रा इन भाषाओँ में "महिला" शबद के
पर्यायों पर नज़र दौडाते हैं:

महिला (संस्कृत)
Mujer (मुखेर: स्पेनिश)
मेहरारू (भोजपुरी)
Mulher ( पुर्तगाली)
Mulier (लैटिन)
Moglie (पत्नी का इटालियन पर्याय)

आशय यह है कि हमारी (भारोपीय
भाषाओं)
भाषा में महिला और मुलायम का भाव अचेतन
रूप से आपस में गुथा हुवा है (यही कारन है
की प्रकृति की मृदुल
चीजों का व्याकरणीय लिंग
निर्धारण 'स्त्रीलिंग' के रूप में होता है) तथा इस
भाव को वैखारिकृत करने वाली धवनि "म" तथा
"ल" है।

मुझे लगता है की माल-मुलायम-महिला
की
गुत््थी आपकी भी समझ में
आ गई होगी।

यहाँ मैं स्पस्ट कर देना चाहता हूँ की
मेरा उद्देश्य और धेय्य पुरुषवादी मानसिकता
का पोषण नहीं है।

और चलते चलते:

सेमेटिक भाषा अरबी में महिला का पर्याय
'औरत' है जिसके मूल में जो शब्द है उसका
अर्थ है जननांग।

No comments:

Post a Comment

डीहवार, चेरो और खरवार: एक भाषाई और ऐतिहासिक विश्लेषण

डीहवार, चेरो और खरवार: एक भाषाई और ऐतिहासिक विश्लेषण भूमिका: भारतीय समाज की विभिन्न जनजातियाँ न केवल अपने ऐतिहासिक और सामाजिक संदर्भों में...