Wednesday, December 4, 2019

आइडियलिज़्म की शर्त

विडम्बना यह है कि फंडामेंटल लेवल पर पार्टीकल की उपस्थिति न होने को लोग अपने अनुसार मोड़ लेते है और उन्हें लगता है कि यहाँ भौतिकवाद हार गया और इस पार्टीकल की समाप्ति के पश्चात पृष्ठभूमि में आध्यत्मवाद है लेकिन यह फील्ड्स जो मैटर को जन्म देती है, स्वयम भी कोई आध्यात्मिक तत्व नही हैं बल्कि इनका स्वरूप भी भौतिक ही है।
अब यदि मासलेस फ़िल्डस से मास वाले मेटेरियल इमर्ज हो सकते हैं तो पुनः मैटर के विशिष्ट संयोजन से मासलेस और एक नवीन घटना "चेतना" क्यो नही इमर्ज होगी?
सारा अध्यात्म चेतना को भौतिक न मानने की शर्त पर टिका है।

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