Wednesday, December 4, 2019

तर्क, भाव और आस्तिकता

एक पुष्प है। वह खूबसूरत है। अच्छा लगा।
लेकिन एक दृष्टि और है, बुद्धि की दृष्टि: यह उसके दलपत्र हैं, यह उसके पुमंग, यह उसके जायांग, यह पुंकेसर, यह इतने वर्णों से परिपूर्ण है क्योंकि अलग अलग पिगमेंट्स अलग अलग प्रकाश को प्रवर्तित कर रहे हैं। इसके विभिन्न भाग दरअसल कार्बन, नाइट्रोजन, हाइड्रोजन से ही मिलकर बने हैं। ये फिर इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन, फिर ये क्वार्क●●●और यह कांटा भी लेकिन खूबसूरत फूल ही लगता है और यदि मैं यह जानता हूँ  और कहता हूं कि मौलिक स्तर पर कांटे और फूल एक ही चीज से बने हैं। पुष्प  उस वृक्ष, उस पौधे के प्रजनन हेतु है तो मैं उस पुष्प के सौंदर्य बोध का अधिकार नही खो देता। मैं अपनी प्रेयसी को वह पुष्प भेंट करने का भी अधिकार नही खो देता।

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