Wednesday, December 4, 2019

रति और काम

मिलन से पूर्व
मैं होता हूँ
क्योंकि तुम होती हो
तुम होती हो
क्योंकि मैं होता हूँ
मैं-तुम का द्वैत
सापेक्षता का नग्न नृत्य
मिलन में न तो तुम हो
न ही मैं
हम भी नही है
सापेक्ष पिघल जाता है
द्वैत मिट जाता है
विशुद्ध अद्वैत
केवल आनन्द!
परमानंद!!!!

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