Wednesday, December 4, 2019

ब्रह्मांड और चांस

हमारी दुनिया चांस और प्रययिकता का परिणाम क्यो नही हो सकती?

रिचर्ड डॉकिन्स अपनी पुस्तक "द मैजिक ऑफ रियलिटी" में लिखते हैं कि चार मित्र ताश खेल रहे हैं: जब वह पत्ते शो करते हैं तो एक के पास 13 चिड़ी, दूसरे के पास 13 कला पान, तीसरे के पास 13 लाल पान और चौथे के पास 13 ईंट।
चारो आवक की यह ऑर्गनाइजेशन।
यह उन चारों को या हमे आवाक भले ही कर दे लेकिन यह सम्भव है  52 पत्तो को 536444737765488792839237440000 बार बांटा जाय तो 1 बार यह कॉम्बिनेशन आ सकता है। सबके पास एक ही प्रकार के तेरह पत्तो के रहस्य की तरह हमारा जगत इस प्रकार महज चांस और प्रययिकता का परिणाम क्यो नही हो सकता?

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