मेरा परमपिता
सर्वशक्तिमान नही है,
बोध!
आदमी बनने की कीमत!
ना, पतित देवदूत नही हूँ,
शैतान या इबलीस भी नही,
और इडिपस ग्रन्थि तो कतई नही
-माँ तो केवल उस क्षण होती है,
जब पैदा करती है मुझे,
असभ्य आवाजो के साथ,
ततपूर्व और ततपश्च वह तो विभ्रम है,
किसी पागल की!
अतिशय पुरुषवाद?
-सारा भार पिता पर है,
जो बधिया किया हुआ है,
एक बैल सा,
मैने जिब्रील से कहा!
सर्वशक्तिमान नही है,
बोध!
आदमी बनने की कीमत!
ना, पतित देवदूत नही हूँ,
शैतान या इबलीस भी नही,
और इडिपस ग्रन्थि तो कतई नही
-माँ तो केवल उस क्षण होती है,
जब पैदा करती है मुझे,
असभ्य आवाजो के साथ,
ततपूर्व और ततपश्च वह तो विभ्रम है,
किसी पागल की!
अतिशय पुरुषवाद?
-सारा भार पिता पर है,
जो बधिया किया हुआ है,
एक बैल सा,
मैने जिब्रील से कहा!
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