हर रात
जिब्रील आता है
मेरे सपने में
मुझे याद दिलाता है
वह त'आला एक है।
मैं रटता हूँ चुपके से
आखरी पैगम्बर हूँ
अपने लिए उसका।
हर सुबह
एक शीर्षकहीन अगीत
जो वह उतरता है
मेरे ह्रदय पर
कागज पर लिख लेता हूँ।
कल रात
उसने कहा कड़कती आवाज में
दुहराओ उसके नाम पर
जो ह्रदय पर विद्रोह उतारता है तुहारे
वह जो करीम है, वह जो रहीम है।
मैंने दुहराया
वह सर्वशक्तिमान नही है
लेकिन मैं कमज़ोर हूँ
----बोध, आदमी बनने की कीमत
एक नए पतित देवदूत का जन्म!
जनता हूँ खुल्द तजना होगा,
आदम की संतानें नफरत भी करेगी मुझसे
लेकिन, आदमी बनने की कीमत ही है पतित देवदूत बन जाना!
जिब्रील आता है
मेरे सपने में
मुझे याद दिलाता है
वह त'आला एक है।
मैं रटता हूँ चुपके से
आखरी पैगम्बर हूँ
अपने लिए उसका।
हर सुबह
एक शीर्षकहीन अगीत
जो वह उतरता है
मेरे ह्रदय पर
कागज पर लिख लेता हूँ।
कल रात
उसने कहा कड़कती आवाज में
दुहराओ उसके नाम पर
जो ह्रदय पर विद्रोह उतारता है तुहारे
वह जो करीम है, वह जो रहीम है।
मैंने दुहराया
वह सर्वशक्तिमान नही है
लेकिन मैं कमज़ोर हूँ
----बोध, आदमी बनने की कीमत
एक नए पतित देवदूत का जन्म!
जनता हूँ खुल्द तजना होगा,
आदम की संतानें नफरत भी करेगी मुझसे
लेकिन, आदमी बनने की कीमत ही है पतित देवदूत बन जाना!
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