Friday, February 21, 2020

स्पेनिश: एक मौसी-भाषा

स्पेनिश: एक मौसी-भाषा।
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अंग्रेजी से हम भले ही प्रेशराइज्ड फील करते हैं क्योकि यह हमारे मालिको की भाषा रही है और इसीलिए अंग्रेजी जानकर हम मालिक टाईप का भी फील कर लेते हैं लेकिन भाषा को लेकर यदि आप संवेदनशील है; मंतलब भोजपुरी या आपकी अपनी क्षेत्रीय भाषा यदि आपकी माता लगती है, हिन्दी आपकी दादी और संस्कृत बुढ़िया दादी जो अब पुरखिन बन गई है और जिसको सांझा-पराती में श्रद्धा भाव से गोहराना है तो मेरा दावा है कि जब आप रोमांस भाषा  (फ्रेंच, पुर्तगाली, स्पेनिश, इटालियन आदि) को पढ़ते हैं या उनसे सामना होता है तो आपको लगेगा कि आप अपनी मौसी से मिल रहे हैं।

विश्वास नही होता तो कुछ शब्द लीजिए:
स्पेनिश                        हिन्दी/संस्कृत
Ojo (ओखो)                आँख/ चक्षु
Ventana (वेन्ताना)      वातायन
Vento (वेंतो)               वायु
Marido                      मरद
Mujer (मुखेर)            मेहरारू
Pajaro (पखारो)        पखेरू/ चिड़िया

शब्द तो बहुत है लेकिन यही नही मुहावरे भी आत्मीयता का बोध देते हैं।

भोजपूरी में बहुत ज्यादा कीमत देने को कहते हैं कि 
"आँख लागता"। स्पेनिश में costar un ojo de la cara है अर्थात costar: कोस्ट (मोल) , un (एक) ojo-ओखो-आँख de la cara: चेहरे का।

एक मजेदार लोकोक्ति लेते हैं : 
matar dos pájaros de un tiro 
मातार दोस पखारोस दे उन तीरो

मातर: मारना
दोस: दो
पखारोस: पखेरू का बहुवचन ( अर्थात दो पखेरू या चिड़िया)
दे: से
उन: एक
तीरो: तीर

एक तीर से दो चिड़ियों का शिकार!

है न यह मौसी-भाषा?

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ऐसा नही है कि केवल भोजपुरी में ही गुड्डू रंगीला है और "दे, दे, दे तनी देना रे, तोर माल हटे छेना तनी दे ना रे गाता है। मौसी के यहाँ भी गुड्डू रंगीला है और वो "दा मे तू कोसीता: आपन छोटीकी चिजिया दे" गाता है।
और सकिरवा के तो क्या कहने: लोका-लोका-लोका!!

*लोका: पगलेट, क्रेजी।

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