सत तम रज की
साम्यवस्था या
क्वांटम विचलने,
ऊर्जा का नृत्य,
कण-प्रतिकण के जन्म-मृत्यु
विकृति की लय,
प्रकृति का साज,
निरपेक्ष अनस्तित्व का
अस्तित्व बन जाना,
ब्रह्मांड की उतपत्ति!
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डीहवार, चेरो और खरवार: एक भाषाई और ऐतिहासिक विश्लेषण भूमिका: भारतीय समाज की विभिन्न जनजातियाँ न केवल अपने ऐतिहासिक और सामाजिक संदर्भों में...
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