ब्रह्मांड फैल रहा है।
किसमे?
शायद अपने आप मे या
शायद निरपेक्ष अनस्तित्व में या
हम नही जानते, लेकिन
ब्रह्मांड फैल रहा है!
समस्या यह है कि
जब पूछते हैं यह प्रश्न
हम ब्रह्मांड के पूर्व
दिक का अस्तित्व मान लेते है जबकि
दिक तो स्वयं ब्रह्मांड की रचना है,लेकिन
ब्रह्मांड फैल रहा है!
डार्क एनर्जी इसके फैलाव को
त्वरित कर रही है
रस्साकशी भी है डार्क एनर्जी
और ग्रेविटी में!
ग्रेविटी जीतेगी तो
समा जाएगा ब्रह्मांड उसी में
जहाँ से वह निकला और उसके पूर्व
चारो बल जुड़ जाएंगे एकसाथ
विशाल लघु हो जाएगा और
यदि जीतती है गहन ऊर्जा गुरुत्व से
टूट जाएंगे सारे कण
अणु परमाणु
और तब पता नही क्या होगा
हम नही जानते!!
शायद हमसे विकसित
किसी नए जीव को
उत्तर पता हो इसका!!!
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