कुछ नही करेंगे जल्दी
तो सब खत्म हो जाएगा
लेकिन क्या करें यह पता नही
किसी को नही
बस किए जा रहे है कुछ कुछ
तो करते जाना है
जब तक पता नही चलता
असल में करना क्या है।
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डीहवार, चेरो और खरवार: एक भाषाई और ऐतिहासिक विश्लेषण भूमिका: भारतीय समाज की विभिन्न जनजातियाँ न केवल अपने ऐतिहासिक और सामाजिक संदर्भों में...
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