Friday, April 17, 2020

बिहारी व्यवहार की एक बानगी।

बिहारी व्यवहार की एक बानगी।

यह पार्थेनियम, गाजर घास या कॉंग्रेस ग्रास है। 
इसके बीज को अकाल बीज भी कहा जाता है। यह बहुत ही खतरनाक वीड है जो अमेरिका से हमारे यहाँ आ गया और हमारे पर्यावरण, हमारी फसल, हमारी ज़मीन को बर्बाद तो कर ही रहा है हमे भी कई प्रकार के रोग भी देता है।

【Contact with the plant causes dermatitis and respiratory malfunction in humans, and dermatitis in cattle and domestic animals. The main substance responsible is parthenin, which is dangerously toxic. It also is responsible for bitter milk disease in livestock when their fodder is polluted with Parthenium leaves.

Among other allelopathic effects of the species, the presence of Parthenium pollen grains inhibits fruit set in tomato, brinjal, beans, and a number of other crop plants.】WIKI

#लेकिन_एक_मिनट!!!

हमे बी एस सी में हरबेरियम बनाना पड़ता था और संयोग से गांव (बिहार) में मुझे यह पौधा तब दिख गया जब मैं गाँव गया हुवा था। 
मैंने सावधानी से इसे उखाड़ना शुरू किया कि इसको भी अपने हरबेरियम मे डाल दूंगा तभी
अंदर से एक बुढ़िया दादी निकल कर मुझे भला वुरा कहने लगी: 
ई नतिया सब कबरलस!

आश्चर्य! इस पौधे से इनको इतना मोह क्यों!!

मैंने उन बुढ़िया दादी को शांत किया और कारण पूछा तो बुढ़िया दादी ने बताया कि 

ई बरियार ह (ये बरियार का पौधा है।) मैं रोज इसके जड़ को पीस कर दूध में पीती हु अपने कमर दर्द के लिए।

मैं आवाक था।

भोजपुरी में बरियार का मतलब  ताकतवर होता है।

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