यदि पूरी दुनिया मे कोरोना महामारी फैल जाती है और कुछ लोग महामारी को हराकर जीवित रह जाते हैं तो यही होगा जैसे जैव विकास काम करता है।
हमारे पूर्वजो (हमारे का मतलब आदमी के पूर्वजो) ने ऐसी कई लड़ाइयां लड़ी हैं और विजयी हुए हैं और तब जाकर आज हमारा अस्तितव है वरना क्या होता है आदमी, कोई कल्पना भी नही कर सकता!
हम संयोगशाली हैं कि कोरोना जैसी आपात हमे साल-दो साल में मिलती है। हमारे पूर्वज रोजाना ऐसी आपात से सामना करते थे।
हमारा अस्तित्व करोड़ो वर्षों से हो रहे अस्तित्व के संगर्ष की गाथा है जो या तो यहीं खत्म हो जाएगा या हम उस महागाथा में दो चार पंक्तियां जोड़कर गाथा को आगे बढ़ा देंगे।
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