कोरोना यदि हम
हार गए तुमसे,
यदि तुमने हमारी नाभी का अमृत
सोख लिया ओ चीन,
तो इतिहास पुराण तुम लिखोगे ही,
बस कुछ को
विभीषण ज़रूर लिख देना
मेरी प्रार्थना मानके।
आग तो हमारी लंका में तुमने
लगा ही रखी है अभी
हम राक्षसों की राक्षसनियो के
गर्भपात होने ही लगे हैं भय से!
और दोष तुमको क्या दुँ जब
घर का भेदी ही लंका ढाए?
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